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लखनऊ का पावर सेंटर बदलेगा: सहारा शहर में बनेगा नया विधानभवन, 245 एकड़ जमीन पर तैयारी तेज

  • लेखक की तस्वीर: ब्यूरो
    ब्यूरो
  • 15 घंटे पहले
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उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सत्ता का केंद्र बदलने की तैयारी तेज हो गई है। गोमतीनगर स्थित सहारा शहर की जमीन पर नए विधानभवन के निर्माण की दिशा में प्रक्रिया आगे बढ़ा दी गई है। शासन के निर्देश पर लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने कंसल्टेंट नियुक्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसके जरिए डीपीआर और भवन का डिजाइन तैयार किया जाएगा।


एलडीए अधिकारियों के अनुसार, करीब 10 महीने पहले सहारा शहर में एलडीए के हिस्से की 75 एकड़ जमीन कब्जे में ली गई थी। इसके बाद सितंबर में नगर निगम ने भी अपने हिस्से की 170 एकड़ जमीन की लीज निरस्त कर उस पर कब्जा ले लिया। इस तरह कुल 245 एकड़ जमीन अब खाली हो चुकी है, जहां नया विधानभवन बनाए जाने की योजना है। जमीन की पैमाइश रिपोर्ट शासन को भेजी जा चुकी है और उच्च स्तर पर इस प्रस्ताव पर सहमति बन चुकी है।


एलडीए के वीसी प्रथमेश कुमार ने बताया कि सहारा शहर की जमीन पर विधानभवन निर्माण को लेकर सभी आवश्यक प्रक्रियाएं चल रही हैं और कंसल्टेंट के माध्यम से आगे की कार्ययोजना तैयार की जाएगी।

जानकारों के मुताबिक, सरकार बीते कई वर्षों से करीब 200 एकड़ जमीन की तलाश में थी। सहारा शहर की यह जमीन न सिर्फ क्षेत्रफल के लिहाज से उपयुक्त है, बल्कि लोकेशन और आवागमन की दृष्टि से भी बेहतर मानी जा रही है। इसी कारण शासन ने यहां नया विधानभवन बनाने का फैसला किया है।


नए विधानभवन से मिलने वाली प्रमुख सहूलियतें:


  • मुख्यमंत्री और वीआईपी मूवमेंट के दौरान लोकभवन-विधानभवन क्षेत्र में लगने वाले ट्रैफिक जाम से लोगों को राहत मिलेगी।

  • मौजूदा विधानभवन के आसपास पार्किंग की गंभीर समस्या खत्म होगी।

  • हजरतगंज और लालबाग जैसे इलाकों में अस्पतालों और स्कूलों के सामने बार-बार ट्रैफिक रोके जाने की परेशानी कम होगी।

  • नए विधानभवन के निर्माण के बाद हजरतगंज क्षेत्र को एक बेहतर पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करना आसान होगा, जो फिलहाल सुरक्षा और यातायात दबाव के कारण संभव नहीं हो पा रहा है।

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