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खाद की कालाबाजारी रोकने के निर्देश, सरकार ने दी किसानों को आश्वस्ति

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    ब्यूरो
  • 20 अग॰ 2025
  • 2 मिनट पठन

उत्तर प्रदेश में खाद की उपलब्धता को लेकर किसी भी तरह की समस्या न हो, इसके लिए योगी सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में पर्याप्त मात्रा में उर्वरक मौजूद है और किसानों को किसी तरह की दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ेगा। साथ ही, अनावश्यक भंडारण से बचने की अपील की गई है।

कृषि विभाग के अनुसार, सभी 18 मंडलों से खाद की उपलब्धता और बिक्री का ब्यौरा लिया गया है। खरीफ सीजन 2024 में 18 अगस्त तक जहाँ 36.76 लाख मीट्रिक टन उर्वरक की बिक्री हुई थी, वहीं इस साल अब तक 42.64 लाख मीट्रिक टन की बिक्री दर्ज की जा चुकी है।

मुख्यमंत्री की अपील और चेतावनी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों से आग्रह किया कि वे जरूरत के हिसाब से ही खाद लें और अनावश्यक रूप से भंडारण न करें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले में शिकायत केंद्र सक्रिय हैं, जहाँ किसी भी समस्या की जानकारी दी जा सकती है। साथ ही, कालाबाजारी या ओवररेटिंग करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे नियमित रूप से निरीक्षण करें, किसानों से संवाद बनाए रखें और उनकी समस्याओं का समय पर समाधान सुनिश्चित करें।

इस वर्ष पिछले साल से अधिक खाद वितरण

कृषि विभाग के अनुसार, इस साल पिछले वर्ष की तुलना में अधिक खाद वितरित हुई है।

  • यूरिया: 2023 में 27.25 लाख मीट्रिक टन, जबकि इस बार अब तक 31.62 लाख मीट्रिक टन।

  • डीएपी: पिछले साल 5.28 लाख मीट्रिक टन, इस वर्ष 5.38 लाख मीट्रिक टन।

  • एनपीके: पिछले वर्ष 2.07 लाख मीट्रिक टन, इस बार 2.39 लाख मीट्रिक टन।

  • एमओपी: 0.25 लाख मीट्रिक टन के मुकाबले इस साल 0.46 लाख मीट्रिक टन।

  • एसएसपी: पिछले साल 1.91 लाख मीट्रिक टन, जबकि इस बार 2.79 लाख मीट्रिक टन वितरण।

उपलब्धता का विवरण (18 अगस्त तक)

  • यूरिया: 37.70 लाख मीट्रिक टन उपलब्ध, जिसमें से 31.62 लाख मीट्रिक टन किसानों ने खरीदा।

  • डीएपी: 9.25 लाख मीट्रिक टन उपलब्ध, 5.38 लाख मीट्रिक टन की बिक्री।

  • एनपीके: 5.40 लाख मीट्रिक टन उपलब्ध, जिसमें से 2.39 लाख मीट्रिक टन खरीदा गया।

यूरिया की खपत में बढ़ोतरी

खरीफ फसलों की बुवाई पूरी हो चुकी है और धान की टॉप ड्रेसिंग के लिए प्रतिदिन लगभग 49,564 मीट्रिक टन यूरिया की खपत हो रही है। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार 16.04% यानी 4.37 लाख मीट्रिक टन अधिक यूरिया की बिक्री दर्ज की गई है।

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