top of page

लखनऊ में सनसनी: NEET की पढ़ाई के दबाव में बेटे ने पिता की हत्या की, शव के टुकड़े कर ड्रम में भरा सीमेंट

  • लेखक की तस्वीर: ब्यूरो
    ब्यूरो
  • 2 घंटे पहले
  • 2 मिनट पठन

लखनऊ के आशियाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। सेक्टर एल निवासी 49 वर्षीय मानवेंद्र सिंह की कथित तौर पर उनके ही बेटे अक्षत प्रताप सिंह (21) ने गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद आरोपी ने शव के टुकड़े कर दिए और सबूत मिटाने की कोशिश में धड़ को नीले ड्रम में रखकर सीमेंट भर दिया, जबकि हाथ-पैर पारा के सदरौना इलाके में फेंक दिए।


डीसीपी मध्य विक्रांत वीर के अनुसार, 21 फरवरी को आशियाना थाने में मानवेंद्र सिंह की गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। जांच के दौरान बेटे अक्षत से पूछताछ की गई, जिसमें चौंकाने वाला खुलासा हुआ। पुलिस के मुताबिक, मानवेंद्र अपने बेटे पर NEET परीक्षा की तैयारी को लेकर दबाव बना रहे थे। 20 फरवरी की सुबह करीब 4:30 बजे इसी बात पर दोनों के बीच विवाद हुआ। गुस्से में आकर अक्षत ने लाइसेंसी राइफल से पिता को गोली मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।


घटना के समय अक्षत की छोटी बहन कृति अपने कमरे में थी। गोली की आवाज सुनकर वह बाहर आई तो पिता का शव पड़ा मिला। मानवेंद्र के पिता सुरेंद्र पाल सिंह, जो सेवानिवृत्त दरोगा हैं, सूचना मिलते ही जालौन से लखनऊ पहुंच गए।


पुलिस के अनुसार, हत्या के बाद अक्षत ने शव को तीसरी मंजिल से घसीटकर भूतल पर लाया और ठिकाने लगाने की योजना बनाई। पहले गोमती नदी में फेंकने की साजिश रची, लेकिन वजन अधिक होने के कारण सफल नहीं हो सका। इसके बाद उसने आरी खरीदकर शव के टुकड़े किए। धड़ को नीले ड्रम में डालकर सीमेंट भर दिया, ताकि पहचान और सबूत मिटाए जा सकें।


मामला तब खुला जब पड़ोसियों को शक हुआ। घबराकर अक्षत ने पिता के करीबी दोस्त सोनू को फोन कर आत्महत्या की झूठी कहानी सुनाई। कड़ाई से पूछताछ में वह टूट गया और पूरी सच्चाई सामने आ गई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या और साक्ष्य मिटाने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस का कहना है कि कई बिंदुओं पर जांच जारी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

टिप्पणियां


Join our mailing list

bottom of page