कफ सिरप सिंडीकेट का बड़ा खुलासा: झारखंड खनन में निवेश की साजिश, मंत्री तक पहुंच और पूर्वांचल माफिया नेटवर्क की परतें खोलीं
- ब्यूरो

- 4 दिस॰ 2025
- 3 मिनट पठन

नशीले कफ सिरप का देशभर में फैल चुका सिंडीकेट अब अपनी काली कमाई को झारखंड के खनन कारोबार में लगाने की तैयारी में था। इसके लिए गिरोह ने पूर्वांचल के बाहुबलियों, माफिया नेटवर्क और राजनीतिक संपर्कों का इस्तेमाल किया। जांच में सामने आया है कि सिंडीकेट की पहुंच झारखंड के एक प्रभावशाली मंत्री तक बनी हुई थी, जिन्होंने खनन का बड़ा सरकारी काम दिलाने का भरोसा भी दिया था।
काली कमाई को खनन में लगाने की चाल
कोडीन युक्त कफ सिरप की तस्करी से अरबों रुपये कमाने वाले गिरोह को खनन में कई गुना मुनाफे की उम्मीद थी।इसलिए करोड़ों की सिक्योरिटी मनी जुटाने का काम शुभम को सौंपा गया था।सूत्रों के मुताबिक, इसी चक्कर में उसे एमएलसी बनाने का लालच दिया गया और एक बड़े नेता से मिलवाकर लैंड क्रूजर तक गिफ्ट कर दी गई।
शराब कारोबार और अंडरवर्ल्ड से पहले से जुड़े होने के कारण शुभम का प्रभाव तेजी से बढ़ता गया और उसने पूर्वांचल में मजबूत नेटवर्क बना लिया।
बड़ा षड्यंत्र: पूर्व ब्यूरोक्रेट और बाहुबलियों की भूमिका
सूत्र बताते हैं कि शुभम, अमित सिंह टाटा और आलोक सिंह को दुबई भेजने वाले विकास सिंह विक्की को एक पूर्व ब्यूरोक्रेट ने ब्लॉक प्रमुख बनाने का वादा किया था।साथ ही पूर्व सांसद धनंजय सिंह भी अमित सिंह टाटा को खुलकर समर्थन दे रहे थे और उसे अपना छोटा भाई बताते हुए चुनाव प्रचार में शामिल रहते थे।इसी वजह से उनकी भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।
फर्जी फर्में बनाकर किया करोड़ों का खेल
एसटीएफ और ईडी की जांच में सामने आया है किशुभम, अमित सिंह टाटा और आलोक सिंह ने कफ सिरप तस्करी के लिए कई फर्जी फर्में बनाईं।अब एजेंसियां इन फर्मों के रिकॉर्ड की छानबीन कर रही हैं ताकि कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सके।
जांच का दायरा बढ़ने से पूर्वांचल के कई बाहुबली भी जांच के घेरे में हैं।ईडी करोड़ों की कीमत वाली SUVs और लग्जरी गाड़ियों की भी जांच कर रही है।
सुल्तानपुर रोड स्थित बर्खास्त सिपाही आलोक का 10 हजार स्क्वायर फीट का 20 करोड़ रुपये का घर देखकर ईडी भी अचंभित रह गई।
पुराने केसों की परतें भी खुलीं
हजरतगंज में दर्ज जानलेवा हमले की एफआईआर में आलोक और धनंजय सिंह पर शक जताया गया था, लेकिन पुलिस हमलावरों तक नहीं पहुंच पाई और 2021 में अंतिम रिपोर्ट लगा दी गई।अब ताजा खुलासों के बाद उस केस की फाइल भी फिर सुर्खियों में है।
तीन दिन में 30 बैंक खाते फ्रीज
जौनपुर में SIT की कार्रवाई के दौरान
18 लोगों पर केस,
45.06 करोड़ के खेल का खुलासा,
और 3 दिनों में 16 संचालकों के 30 बैंक खाते फ्रीज किए गए हैं।
गिरोह का सरगना शुभम के पिता 14 दिन की रिमांड पर
कोलकाता से गिरफ्तार शुभम जायसवाल के पिता भोला प्रसाद जायसवाल को कोर्ट ने 14 दिन के रिमांड पर भेजा है।पूछताछ में उसने चार्टर्ड अकाउंटेंट विष्णु अग्रवाल की बड़ी भूमिका स्वीकार की।पुलिस अब सीए विष्णु की तलाश में है और उसके नेटवर्क की पूरी जांच की जा रही है।
एसटीएफ नाम से कुख्यात आलोक सिंह का राज
बर्खास्त सिपाही आलोक प्रताप सिंह, धनंजय सिंह का करीबी माना जाता है और पूर्वांचल से लेकर पश्चिम यूपी तक एसटीएफ नाम से बदनाम है।खनन, रेलवे ठेके और रियल एस्टेट में उसकी सक्रियता रही है।पुलिस में रहने के दौरान अपराध और कानूनी बचाव की तकनीकें सीखकर उसने युवाओं की बड़ी फौज तैयार कर रखी है।
कफ सिरप का अवैध व्यापार: बड़ा नेशनल नेटवर्क
बरेली स्थित एक्सट्रीम हेल्थ सॉल्यूशन और अन्य स्टॉकिस्टों द्वारा लाखों बोतलों की खरीद-बिक्री की पुष्टि हुई है।
गोरखपुर और महाराजगंज के 25 धंधेबाज भी एजेंसियों की रडार पर हैं।
गाजियाबाद के इंदिरापुरम स्थित RS Pharma के सौरभ त्यागी पर भी बड़ा खुलासा आया है।उसके खातों से 12.55 करोड़ रुपये की कफ सिरप खरीद का पता चला है।यह सिरप पोंटा साहिब (हिमाचल) से खरीदकर यूपी, हरियाणा, दिल्ली और बांग्लादेश तक भेजा जाता था।





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