लखनऊ में पति को फंसाने की साजिश का खुलासा: पत्नी ने प्रेमी संग रची गोमांस प्लांटिंग की योजना, युवक जेल पहुंचा
- ब्यूरो

- 22 जन॰
- 2 मिनट पठन

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से रिश्तों को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक महिला ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति को झूठे मामले में फंसाने की कथित साजिश रची। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि अमीनाबाद निवासी वासिफ को गोमांस तस्करी के आरोप में जेल भेजे जाने के पीछे उसकी पत्नी अमीना खातून और उसके प्रेमी की भूमिका थी।
वासिफ की शादी अमीना खातून से हुई थी। दोनों बाहर से एक सामान्य दंपती की तरह दिखते थे, लेकिन पुलिस जांच में सामने आया कि अमीना के भोपाल निवासी युवक आमान से लंबे समय से प्रेम संबंध थे। दोनों की पहचान वर्ष 2022 में इंस्टाग्राम के जरिए हुई थी। अमीना एएमयू से स्नातक है, जबकि आमान भोपाल से बीटेक कर चुका है। वासिफ भी बीटेक पास है और अपने परिवार के करीब 80 साल पुराने डायरी-स्टेशनरी के कारोबार को संभालता है।
पुलिस के अनुसार, अमीना और आमान के रिश्ते में वासिफ सबसे बड़ी बाधा बन रहा था। इसी वजह से दोनों ने उसे रास्ते से हटाने के लिए एक खतरनाक योजना बनाई। करीब दो महीने पहले वासिफ की थार गाड़ी में गोमांस मिलने की सूचना दी गई। बजरंग दल की शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए वासिफ को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, जहां वह लगभग एक महीने तक रहा।
बाद में जांच में सामने आया कि यह पूरी घटना पूर्व नियोजित साजिश थी। पुलिस का कहना है कि अमीना ने खुद थार गाड़ी की चाबी आमान को दी थी। आमान ने गाड़ी में गोमांस रखवाया और फिर इसकी जानकारी बजरंग दल तक पहुंचाई, ताकि वासिफ को फंसाया जा सके।
मामला यहीं खत्म नहीं हुआ। 14 जनवरी को काकोरी इलाके में एक लोडर से गोमांस मिलने पर फिर हंगामा हुआ। यह लोडर पोर्टर ऐप के जरिए बुक किया गया था। जांच में पता चला कि लोडर वासिफ के मोबाइल नंबर से बुक हुआ था, लेकिन यह बुकिंग अमीना ने गुपचुप तरीके से की थी। लोडर में रखे गत्तों के भीतर करीब 12 किलो गोमांस मिला, जिसे भोपाल से आमान लेकर आया था।
जांच में यह भी सामने आया कि आमान ने ‘राहुल’ नाम से बजरंग दल की सदस्यता ली थी। उसने दो हजार रुपये देकर सदस्यता हासिल की और सोशल मीडिया के जरिए संगठन के एक कार्यकर्ता से संपर्क साधा। इसी फर्जी पहचान से उसने थार और लोडर दोनों मामलों की सूचना दी। 14 जनवरी को वह फर्जी आईडी पर लिए गए सिम कार्ड से लोडर चालक के संपर्क में था। यह सिम ‘रामेश्वर’ नाम की आईडी पर लिया गया था, जिसे बाद में बंद कर दिया गया।
पूरी साजिश उजागर होने के बाद पुलिस अमीना को गिरफ्तार करने हाईकोर्ट परिसर पहुंची, जहां गिरफ्तारी की प्रक्रिया को लेकर विवाद खड़ा हो गया। इस मामले में दो दरोगा और एक सिपाही को निलंबित कर दिया गया है, साथ ही उनके खिलाफ दो एफआईआर भी दर्ज की गई हैं।
लखनऊ पश्चिम पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। अमीना के प्रेमी आमान को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि अमीना की भूमिका पूरी तरह स्पष्ट हो चुकी है और जल्द ही उसे भी हिरासत में लिया जाएगा। यह मामला झूठे आरोप, साजिश और कानून के दुरुपयोग की एक गंभीर मिसाल बनकर सामने आया है, जिसने एक परिवार की जिंदगी पूरी तरह बदल दी।





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