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उत्तराखंड की 15 सीटों पर ‘गायब’ मतदाता, बढ़ी भाजपा-कांग्रेस की टेंशन

  • लेखक की तस्वीर: ब्यूरो
    ब्यूरो
  • 2 दिन पहले
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उत्तराखंड के मैदानी जिलों की 15 विधानसभा सीटों पर 20% से अधिक मतदाताओं का पता न चल पाने से सियासी हलचल तेज हो गई है। इस स्थिति ने सत्ताधारी भाजपा और विपक्षी कांग्रेस—दोनों की चिंताएं बढ़ा दी हैं।

चुनाव आयोग द्वारा प्री-एसआईआर (Special Intensive Revision) के तहत चल रही मतदाता सत्यापन प्रक्रिया में सामने आया है कि कई सीटों पर 2003 की वोटर लिस्ट से मिलान नहीं हो पा रहा है।


देहरादून और ऊधमसिंह नगर की 15 विधानसभा सीटों जैसे रुद्रपुर, धर्मपुर, मसूरी, राजपुर, ऋषिकेश, काशीपुर, बाजपुर आदि में कुल 23 लाख से अधिक मतदाताओं में से करीब 5.9 लाख मतदाता ट्रेस नहीं हो सके हैं।


विश्लेषकों का मानना है कि इन क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोग पहाड़ों से पलायन कर बसे हैं या अन्य राज्यों से आकर रह रहे हैं। ऐसे में आशंका है कि कई मतदाता अपने मूल गांव या पुराने पते पर ही वोट बनाए रखना चाहते हैं, जिससे स्थानीय लिस्ट में उनका मिलान नहीं हो पा रहा।


खासतौर पर देहरादून जिले की 10 में से 9 सीटों पर मतदाता मैपिंग 80% से भी कम है, जो राजनीतिक दलों के लिए चिंता का विषय बन गया है।


अब भाजपा और कांग्रेस दोनों ही एसआईआर प्रक्रिया के दौरान हर मतदाता तक पहुंच बनाने में जुट गए हैं, ताकि वैध मतदाताओं का नाम सूची से न कटे और चुनावी समीकरण प्रभावित न हों।

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