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आपदा के बाद सूना पड़ा धराली, खो गई रौनक और बची सिर्फ पुरानी यादें

  • लेखक की तस्वीर: संवाददाता
    संवाददाता
  • 13 अग॰ 2025
  • 1 मिनट पठन

धराली में अब फिर कब यात्रियों की चहल-पहल लौटेगी, यह कहना मुश्किल है। कभी यहां के होटलों में रौनक और गलियों में पर्यटकों की भीड़ रहती थी। दोपहर हो या शाम, यात्रियों की आवाजाही से पूरा क्षेत्र जीवंत रहता था, लेकिन अब सन्नाटा पसरा है। आपदा से प्रभावित तीरथी देवी पुराने दिनों को याद करते हुए भावुक हो उठती हैं। वे कहती हैं, “आंखों के सामने ही समृद्ध धराली पलक झपकते ही आपदा की चपेट में आ गया। कई बहुमंजिला होटल और घर हमेशा के लिए मिट गए।”

पांच अगस्त को खीरगंगा में आई आपदा के बाद स्थिति सामान्य होने में लंबा वक्त लग सकता है। तीरथी देवी बताती हैं कि उस दिन गरजते बादलों के बीच लोग डर के मारे पानी की स्थिति देखने छाता लेकर छतों पर चढ़ गए थे। दोपहर होते-होते खीरगंगा का जलस्तर बढ़ने लगा और फिर अचानक इतनी विकराल बाढ़ आई कि सब कुछ क्षणभर में बहा ले गई। उनके पास अब धराली की वर्षों पुरानी यादों के सिवा कुछ भी नहीं बचा है।

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