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नाक से बाहर निकले मस्तिष्क के ऊतक, गांववालों ने गणेश मानकर की पूजा, केजीएमयू के डॉक्टरों ने दी नई ज़िंदगी

  • लेखक की तस्वीर: संवाददाता
    संवाददाता
  • 10 नव॰ 2025
  • 1 मिनट पठन

कुशीनगर के 14 वर्षीय किशोर को किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) के डॉक्टरों ने जन्मजात विकृति से राहत दिलाई है। जन्म के समय से ही उसके मस्तिष्क के ऊतक नाक के पास बाहर निकले हुए थे। गांववालों और परिजनों ने इसे दिव्य चमत्कार मानकर बच्चे को गणेश स्वरूप समझ पूजा शुरू कर दी। हालत बिगड़ने पर अंततः परिजन उसे इलाज के लिए केजीएमयू लेकर पहुंचे।


केजीएमयू के प्लास्टिक सर्जरी विभाग के प्रो. बृजेश मिश्रा के अनुसार, बच्चे को हाइपरटेलोरिज्म और नासोएथमॉइडल एनसेफेलोसील नामक जन्मजात विकृति थी। इस दुर्लभ स्थिति में मस्तिष्क के ऊतक नाक के आसपास की जगह से बाहर निकल आते हैं।

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