एसएससी परीक्षा से दो दिन पहले नकल गिरोह का भंडाफोड़, पास कराने के लिए चार लाख में तय हुआ था सौदा
- संवाददाता

- 6 अग॰ 2025
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छह अगस्त को होने वाली कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) की स्टेनोग्राफर भर्ती परीक्षा से ठीक दो दिन पहले एक बड़े नकल रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने हल्द्वानी के एक होटल में छापा मारकर अंतरराज्यीय सॉल्वर गैंग के नौ सदस्यों को गिरफ्तार किया है। ये सभी उत्तर प्रदेश, हरियाणा और उत्तराखंड से संबंध रखते हैं। इनके कब्जे से कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और 11 मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं।
एसएसपी पीएन मीणा ने सोमवार को प्रेसवार्ता में बताया कि कुछ दिनों पहले उन्हें इस नकल माफिया के सक्रिय होने की सूचना मिली थी। इसके बाद एसपी सिटी प्रकाश चंद्र और सीओ नितिन लोहनी के नेतृत्व में एसओजी और हल्द्वानी कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई। टीम को सूचना मिली कि सॉल्वर गैंग के सदस्य हल्द्वानी के रामपुर रोड स्थित एक होटल में रुके हुए हैं। रविवार रात टीम ने होटल के कमरे नंबर 109 में छापा मारा और वहां से नौ लोगों को हिरासत में लिया।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है:
सुनील कुमार, निवासी बामनोली, थाना दोघट, बागपत (उत्तर प्रदेश)
परविंदर कुमार, निवासी लोहारी, थाना बड़ौत, मेरठ (उत्तर प्रदेश), वर्तमान में शिव मंदिर कॉलोनी, देहरादून
रमाकांत शर्मा उर्फ राहुल, निवासी अहमदगढ़, जनपद बुलंदशहर (उत्तर प्रदेश)
अभिषेक कुमार व शिव सिंह, दोनों निवासी ग्राम बढ़ार, थाना सादाबाद, जनपद हाथरस (उत्तर प्रदेश)
विशाल गिरी, निवासी कूंठखास, थाना रोटा रोड, मेरठ (उत्तर प्रदेश), वर्तमान में बेगमपुर खेतड़ी, हरिद्वार
आफताब खान, निवासी कल्याणपुर तोड़ा, थाना रतनपुरी, जनपद मुजफ्फरनगर (उत्तर प्रदेश)
अरुण कुमार, निवासी तुल्हेड़ी, थाना मीरापुर, जिला मुजफ्फरनगर
जसवीर सिंह, निवासी अस्थल बोहर, थाना अर्बन स्टेट, जिला रोहतक, मूल निवासी मुहाना, जिला जींद (हरियाणा)
पुलिस की जांच में सामने आया है कि यह गैंग ऑनलाइन होने वाली एसएससी परीक्षा में इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स के माध्यम से सेंध लगाने की योजना बना रहा था। गिरोह के कुछ सदस्यों के खिलाफ पहले भी नकल के मामले दर्ज हैं, जैसे कि मुजफ्फरनगर में सुनील और मेरठ में परविंदर व जसवीर के विरुद्ध परीक्षा में धोखाधड़ी के केस पहले से दर्ज हैं।
गिरफ्तारी के बाद पूरे गिरोह से पूछताछ जारी है, और पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि यह गैंग किन-किन अन्य परीक्षाओं में शामिल रहा है और इनका नेटवर्क कितना व्यापक है।





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