उत्तराखंड में बारिश बनी आफत: ऑरेंज अलर्ट जारी, नदियां उफान पर, चार जिलों में स्कूल बंद, अब तक तीन की मौत
- ब्यूरो

- 5 अग॰ 2025
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उत्तराखंड में भारी बारिश ने पहाड़ से लेकर मैदान तक जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। मौसम विभाग ने देहरादून, नैनीताल, चंपावत, ऊधमसिंह नगर, बागेश्वर और टिहरी जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि अन्य जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी हुआ है। मौसम केंद्र के निदेशक रोहित थपलियाल के अनुसार, राज्य में 10 अगस्त तक मूसलाधार बारिश की आशंका बनी हुई है, विशेषकर पर्वतीय क्षेत्रों में।
चार जिलों में स्कूल बंद, तीन की मौत
तेज बारिश के चलते देहरादून, टिहरी, हरिद्वार और पौड़ी जिलों में मंगलवार को सभी स्कूलों को बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्राकृतिक आपदा के चलते राज्य में अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है। नैनीताल जिले के हल्द्वानी क्षेत्र में एक व्यक्ति भाखड़ा नाले में बह गया, जिसका शव सोमवार को SDRF ने बरामद किया। वहीं, पौड़ी जिले में सिद्धबली मंदिर के पास एक वाहन पर पहाड़ी से गिरा पत्थर दो लोगों की जान ले गया और छह लोग घायल हुए।
आपदा प्रबंधन केंद्र के आंकड़ों के मुताबिक जून से अब तक राज्य में आपदा से 33 लोगों की मौत, 24 घायल और 8 लापता हैं।
नदियां खतरे के निशान के करीब
लगातार बारिश के चलते कई नदियों का जलस्तर खतरे के निशान को छूने लगा है। हालांकि कुछ स्थानों पर जलस्तर स्थिर है या धीरे-धीरे कम हो रहा है।
गंगा नदी, मायाकुंड ऋषिकेश में खतरे का स्तर 340.50 मीटर है, जबकि जलस्तर 338.60 मीटर तक पहुंचा।
हरिद्वार में जलस्तर 292.75 मीटर दर्ज किया गया (खतरे का निशान: 294 मीटर)।
यमुना नदी, नौ गांव में 1058.64 मीटर (खतरे का स्तर 1060.40 मीटर)।
सरयू नदी, पिथौरागढ़ में 448 मीटर (खतरे का स्तर 453 मीटर)।
काली नदी, धारचूला में 889 मीटर (खतरे का स्तर 890 मीटर)।
रामगंगा, चौखुटिया में 921.75 मीटर (खतरे का स्तर 923.45 मीटर)।
अलकनंदा और सौंग नदियों का जलस्तर जोशीमठ व सत्यनारायण में लगातार बढ़ रहा है।
टिहरी डैम में जलस्तर 803.14 मीटर तक पहुंचा (अधिकतम क्षमता: 830 मीटर)।
सड़कों पर मलबा, 117 मार्ग बंद
पर्वतीय क्षेत्रों में भारी बारिश के बाद मलबा और पत्थर गिरने से चार हाईवे समेत कुल 117 सड़कें बंद हो गई हैं। इनमें:
5 राज्यमार्ग,
79 ग्रामीण सड़कें,
33 अन्य मार्ग शामिल हैं।
प्रमुख अवरोधों में शामिल हैं:
ऋषिकेश-यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग: स्यानाचट्टी और महरगांव के पास 25 मीटर भूधसाव।
ऋषिकेश-गंगोत्री राजमार्ग: उत्तरकाशी जिले में डबरानी के पास बंद।
तवाघाट-सोबला राजमार्ग और घटियाबगड़-लिपुलेख मार्ग: पिथौरागढ़ जिले में मलबा और पत्थर गिरने से अवरुद्ध।
जिलावार बंद सड़कें:
अल्मोड़ा: 2 सड़कें
बागेश्वर: 4
चमोली: 8
देहरादून: 8
नैनीताल: 13
पौड़ी: 20
रुद्रप्रयाग: 13
टिहरी: 8
सरकारी एजेंसियां हालात पर नजर बनाए हुए हैं, जबकि स्थानीय प्रशासन और SDRF राहत व बचाव कार्य में जुटे हैं।





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