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राम मंदिर निर्माण: एल एंड टी और टाटा कंसल्टेंसी का कार्यकाल बढ़ा, अब तक 1400 करोड़ व्यय

  • लेखक की तस्वीर: संवाददाता
    संवाददाता
  • 9 सित॰ 2025
  • 1 मिनट पठन

अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य राम मंदिर के निर्माण कार्य की धीमी प्रगति को देखते हुए एल एंड टी और टाटा कंसल्टेंसी का कार्यकाल बढ़ा दिया गया है। दोनों कंपनियां अब मार्च 2026 तक निर्माण कार्य में संलग्न रहेंगी, जबकि पूर्व निर्धारित समयसीमा सितंबर 2025 तक की थी।

भवन निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने जानकारी दी कि मंदिर के शिखर पर पताका फहराने की तिथि 25 नवंबर प्रस्तावित है, जिस पर समिति और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में औपचारिक मुहर लगाई जाएगी।

अब तक निर्माण कार्य पर लगभग 1400 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं, जिनमें से 1100 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त मंदिर परिसर में प्रस्तावित म्यूजियम की 20 गैलरियों पर लगभग 200 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। इन गैलरियों में रामायण काल से लेकर राम मंदिर आंदोलन तक की ऐतिहासिक यात्रा को प्रदर्शित किए जाने की योजना है।

सुरक्षा प्रबंधों को भी अत्याधुनिक स्वरूप प्रदान किया जा रहा है। मंदिर परिसर में उन्नत सुरक्षा उपकरण खरीदे जा चुके हैं और शीघ्र ही इन्हें स्थापित करने की प्रक्रिया आरंभ होगी। उद्देश्य यह है कि देश और विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को पूर्णतः सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।

 
 
 

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