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नैनीताल में तनाव: नाबालिग से दुष्कर्म की घटना के बाद शहर में आक्रोश, बाजार बंद, प्रदर्शन जारी

  • लेखक की तस्वीर: संवाददाता
    संवाददाता
  • 1 मई
  • 2 मिनट पठन

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नैनीताल में एक नाबालिग लड़की के साथ हुए कथित दुष्कर्म की घटना के बाद शहर में तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई है। घटना बुधवार रात की है, जिसमें एक बुजुर्ग ठेकेदार उस्मान पर गंभीर आरोप लगे हैं। इस घटना की जानकारी फैलते ही शहर में आक्रोश की लहर दौड़ गई और हिंसक प्रदर्शन शुरू हो गए।

सुरक्षा अलर्ट और बाजार बंद

गुरुवार सुबह से ही पुलिस ने पूरे शहर में सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद कर दिया है। तल्लीताल व्यापार मंडल ने घटना के विरोध में पहले दोपहर 12 बजे तक प्रतीकात्मक बंद का निर्णय लिया, लेकिन बाद में पूरे दिन बाजार बंद रखने का ऐलान कर दिया। व्यापारी सड़क पर उतर आए हैं और धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं।

व्यापार मंडल के अध्यक्ष मारुति साह ने दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि ऐसे कृत्य समाज में असहनीय हैं और प्रशासन को तत्काल सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। प्रदर्शन में शनि आनंद, दिनेश कर्नाटक, ममता जोशी और अन्य कई स्थानीय लोग शामिल हुए।

टूरिस्टों के लिए लंगर की व्यवस्था

व्यापार मंडल ने पर्यटकों को किसी भी प्रकार की असुविधा से बचाने के लिए क्रांति चौक पर आलू-पूरी के लंगर का आयोजन किया है ताकि बाहर से आए मेहमानों को भोजन की दिक्कत न हो।

सांप्रदायिक तनाव और हिंसा

रात करीब 9:30 बजे से 12:30 बजे तक मल्लीताल और गाड़ी पड़ाव क्षेत्र में हिंसा फैली रही। घटना की जानकारी फैलते ही बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए। कुछ समूहों द्वारा मुस्लिम समुदाय की दुकानों में तोड़फोड़ की गई, और कई जगह पथराव भी हुआ। कई घरों की खिड़कियों के शीशे टूट गए और सड़क किनारे खड़ी गाड़ियों को नुकसान पहुंचाया गया।

पुलिस ने हालात को काबू में लाने के लिए लाठीचार्ज किया, जिससे भीड़ तितर-बितर हुई। लेकिन बाद में हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने कोतवाली के बाहर धरना देना शुरू कर दिया और आरोपी को पुलिस हिरासत से बाहर लाने की मांग करने लगे।

प्रशासन की अपील और हालात पर नियंत्रण

तीन घंटे तक शहर की मुख्य सड़कों पर अराजकता का माहौल बना रहा। स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए एडीएम फिंचा राम चौहान, संयुक्त मजिस्ट्रेट वरुणा अग्रवाल, एसपी डॉ. जगदीश चंद्र, और सीओ प्रमोद साह ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से बातचीत की और शांति बनाए रखने की अपील की।

प्रशासन के प्रयासों के बाद लोग धीरे-धीरे अपने घर लौटे, लेकिन गुरुवार का दिन भी सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। पुलिस ने संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त बढ़ा दी है और हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।

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