top of page
  • Writer's pictureब्यूरो चीफ

इंडी गठबंधन के नेताओं के बीच अंतर्विरोध: भूपेंद्र


लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष भूपेन्द्र सिंह चौधरी ने शनिवार को कहा कि इंडी अलायंस में बहुत ही अंतर्विरोध है। सभी दल स्वार्थवश साथ रहने का स्वाँग तो रच रहे हैं लेकिन एक दूसरे को नीचा दिखाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं। दूसरी ओर उन्हें अपने घोषित प्रत्याशियों पर भी भरोसा नहीं है। दो-दो तीन-तीन बार उम्मीदवार बदल रहे हैं। कांग्रेस के पास अपनी परंपरागत कही जाने वाली सीट पर तो उम्मीदवार भी नहीं मिल रहे हैं।

उन्होंने कहा कि इंडी गठबंधन के नेताओं के बीच अंतर्विरोध, मतभेद और मनभेद इतना गहरा है कि आपस में समन्वय भी नहीं हो पा रहा है। उत्तर प्रदेश में इनके पास नेता, नीति और नीयत सबका अभाव है। कांग्रेस का यूपी से पलायन हो चुका है। बाक़ी दल भी मन ही मन हतोत्साहित हो चुके हैं।

उन्होंने कहा कि इस बार का चुनाव मोदी जी की गारंटी पर हो रहा है। 2024 के परिणाम के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के लिए और भी बड़े फ़ैसले लेंगे। हमने जो कहा है उसे पूरा किया है। हम प्रामाणिक दल हैं। इस चुनाव में हम मोदी जी के नेतृत्व में किये गये गरीब कल्याण के कामों को लेकर जनता के बीच जा रहे हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. चौधरी चरण सिंह जी भारत के हर एक किसान का प्रतिनिधित्व करते हैं। उनको भारत रत्न दिया जाना देश के हर एक किसान का सम्मान है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा किया गया यह कार्य न केवल प्रशंसनीय है बल्कि हर एक किसान के प्रति उनके मन में जो सम्मान का भाव है उसका प्रकटीकरण है।

किसानों के हित और उनकी आर्थिक समृद्धि में अपना अतुलनीय योगदान देने वाले स्व. एमएस स्वामीनाथन जी को भी आज सर्वोच्च सम्मान दिया जा रहा है। इन सभी महानुभावों को बहुत पहले ही यह सम्मान दिया जाना चाहिए था। मोदी जी ने बहुप्रतीक्षित कार्य पूर्ण किया है।

उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता और अंत्योदय के प्रतीक जननायक कर्पूरी ठाकुर जी को भी मरणोपरांत देश का सर्वोच्च सम्मान दिया जा रहा है। देश की स्वतंत्रता के लिए उनका योगदान और बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में उनके काम न केवल बिहार ही बल्कि संपूर्ण देश के नीति निर्माताओं के लिए मार्गदर्शन का काम करते रहेंगे।

उन्होंने कहा कि देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्व. नरसिम्हा राव और उपप्रधानमंत्री रहे लाल कृष्ण आडवाणी जी को भी यह सर्वोच्च सम्मान दिया जा रहा है। भारत की एकता, अखंडता तथा सांस्कृतिक धरोहरों को संजोने के प्रयासों के साथ ही आर्थिक महाशक्ति के रूप में देश को विकसित करने की दिशा में इनके कार्य आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का काम करेंगे।

Comments


bottom of page