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अब आईआईटी और आईआईएससी में पढ़ेंगे यूपी के बिजली अभियंता, विभाग देगा 20 लाख तक की सहायता

  • लेखक की तस्वीर: संवाददाता
    संवाददाता
  • 24 जुल॰ 2025
  • 1 मिनट पठन

उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन और अन्य ऊर्जा निगमों ने पहली बार अपने कर्मचारियों के लिए उच्च शिक्षा प्रोत्साहन योजना की शुरुआत की है। इस योजना के तहत आठ अभियंताओं को देश के प्रतिष्ठित संस्थानों जैसे आईआईटी, आईआईएससी, डीटीयू और यूपीईएस में एमटेक और एमबीए जैसे पाठ्यक्रमों के लिए भेजा जा रहा है।

निगम इन अभियंताओं की पढ़ाई पर अधिकतम 20 लाख रुपये तक का खर्च वहन करेगा। इसके साथ ही अध्ययन की अवधि में उन्हें सेवा में माना जाएगा और उनका नियमित वेतन तथा प्रोन्नति से जुड़ी सुविधाएं भी मिलती रहेंगी।

चयन प्रक्रिया एक विशेष समिति द्वारा की गई, जिसमें जिन अभियंताओं का चयन हुआ है, वे हैं:

  • सहायक अभियंता: रजत मोहन यादव, शिवम रावत, दीपक अग्रवाल, शुभम त्यागी

  • अधिशासी अभियंता: हिमांशु साहू, राहुल मौर्या, अनुज कुमार, शोभित श्रीवास्तव

ये अभियंता आईआईएससी बंगलूरू, आईआईटी रुड़की, दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी और देहरादून की यूनिवर्सिटी ऑफ पेट्रोलियम एंड एनर्जी स्टडीज जैसे संस्थानों में पढ़ाई करेंगे।

हालांकि, शर्त यह भी है कि कोर्स पूरा करने के बाद सभी अभियंताओं को न्यूनतम पांच साल तक ऊर्जा निगमों में सेवा देनी होगी, जिसके लिए उन्हें शपथ पत्र भी देना होगा।

इस पहल पर पावर कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल ने कहा, "ये अभियंता प्रतियोगी परीक्षाओं के माध्यम से चयनित हुए हैं। इनकी कार्य क्षमता और दक्षता में सतत वृद्धि जरूरी है, ताकि उसका लाभ निगम को मिल सके। पहली बार यह योजना इसी सोच के तहत शुरू की गई है।"

उन्होंने सभी कर्मचारियों से अपील की है कि वे इस योजना का लाभ लेकर न केवल अपनी योग्यता को बेहतर बनाएं, बल्कि निगम के विकास में भी भागीदार बनें।

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